Wednesday, April 15, 2015

"मासूम इंतज़ार"

कुछ पल रेत की तरह फिसल जाता हैं,
चाहो, ना चाहो हाथ से छूटता जाता हैं,
सारे लम्हें, सारे पल बीत जाया करते हैं, एक कहानी की तरह,
साथ रह जाती है तो बस, "एक मासूम सी ख़ुशी और एक मासूम सी हँसी"…!!!

कुछ यादें हँसाती हैं, कुछ रुला जाती हैं,
कुछ याद रह जाती हैं, भूला दी जाती है कुछ,
वक्त के पहियों पे चढ़कर सब चले जाते हैं,
साथ निभाता है तो बस, "एक मासूम सा आँसू और एक मासूम सा इंतज़ार"…!!!

जिस जगह पे इंतज़ार  किया, उसी जगह से ही किया विदा था,
समय का वो पहिया घूम के वापस आया था,
आँखों  को अकेला कर आँसू भी छोड़ जा रहे थे,
साथ रह गया था तो बस, "एक मासूम सा गम और एक मासूम सा दर्द"....!!!

जिन हाथों ने गले लगाया था, उन्हीं हाथों ने क्यू अलविदा कहा,
कल वो सब जाहा खड़े थे, आज मै खड़ी थी वहा,
उस वक़्त मैं छोड़ जा रही थी और इस वक़्त वो रुकसत कर रहे थे,
साथ थी तो बस, "एक मासूम सी मुलाकात और एक मासूम सी जुदाई"....!!!

साथ बिताए सारे लम्हें याद आते हैं,
कभी आँसु, तो कभी मुस्कान दे जाया करते हैं,
वक़्त के उस पहिए में सारे दुःख कुचले जाते हैं,
ज़िन्दा रह जाती है तो बस, "एक मासूम सी याद और वक मासूम सी मस्ती"....!!!

फिर मिलने की आशा से ही, शायद दिल ने उन्हें रोका ना था,
विश्वास था वो इतना अडिग की आँसू भी मेरा मुस्कुरा रहा था,
उन सब चेहरों को वो आँसू धूंधला किए जा रहा था,
साफ थी तो बस, "एक मासूम सी उम्मीद और उस उम्मीद पे जीती मैं"....!!!

Friday, April 10, 2015

हज़ारो ख्वाबों को यू आँखों में बसा बैठी,
पूरा उन्हें करने की, नाकाम कोशिशें कर बैठी,
आज खुशियाँ रूठ गयी मुझसे,
मैं गमो से दोस्ती कर बैठी....!!

चाहत थी फूलों सी खिलखिलाने की,
हसरत थी आँसूओ को मिटाने की,
आज फूल रूठ गए मुझसे,
मैं कांटों से दोस्ती कर बैठी....!!

थी आदत मुझे पल पल मुस्कुराने की,
अकेले में खुद से गुनगुनाने की,
आज मुस्कान रूठ गयी मुझसे,
मैं आँसूओ से दोस्ती कर बैठी....!!

क़ोशिश थी सबको ख़ुश कर देने की,
सबके दिलों से ख़ामोशी हटाने की,
आज अपने रूठ गए मुझसे,
मैं ख़ामोशी से दोस्ती कर बैठी....!!

शांत पलकें कुछ यू फड़फड़ा उठी,
जलते हुए पानी से आज भीग उठी,
रोकना चाहा बहूत पलकों ने,
पर आँसूओ की वो धारा आज खुदखुशी कर बैठी...!!!!